जीवन का अंतिम सत्य यही है कि जो आया है, उसे एक दिन जाना ही होगा। मिट्टी का यह शरीर अंततः पंचतत्व में विलीन हो जाता है। न कोई मोह काम आता है, न अहंकार। रह जाती हैं तो सिर्फ यादें और इंसान के अच्छे कर्म। संसार का यह अंतिम पड़ाव हमें सिखाता है कि जीवन कितना क्षणभंगुर है, इसलिए जब तक सांसें हैं, सबसे प्रेम और आदर से जिएं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शांति प्रदान करें। ॐ शांति! 🙏🕊️

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